गैस से पसलियों के बीच होने वाले दर्द में योग, प्राणायाम और प्राकृतिक तरीके से राहत

पसलियों के बीच गैस बनने और दर्द होने का मुख्य कारण पाचन तंत्र में गैस का फंसना है, जो खान-पान की गलतियां या अपच से होता है। गैस अक्सर ज्यादा तेजी से खाना खाने, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने, बीन्स-राजमा जैसी गैस पैदा करने वाली चीजें खाने या कब्ज से बनती है। हवा निगलना, तनाव या IBS जैसी समस्याएं भी पसलियों के आसपास दर्द पैदा कर सकती हैं।

पसलियों के बीच या उनके ठीक नीचे होने वाला दर्द अक्सर पेट में बनी अतिरिक्त गैस (Gas) के कारण होता है। जब गैस पाचन तंत्र में फंस जाती है, तो वह डायफ्राम (diaphragm) और आसपास के अंगों पर दबाव डालती है, जिससे सीने या पसलियों में चुभन जैसा महसूस होता है।

गैस से पसलियों के बीच दर्द क्यों होता है?

  • आंतों में गैस भर जाती है जिससे वे फैलती हैं और दर्द होता है।
  • गैस अक्सर ऊपरी पेट में, पसलियों के नीचे फँस जाती है:
    • बाईं तरफ → पेट के पास
    • दाईं तरफ → लिवर के पास
  • पेट की नसें और छाती की नसें जुड़ी होती हैं, इसलिए दर्द पसली के बीच चुभने जैसा लगता है।
  • पेट फूला होने से आसपास की मांसपेशियाँ भी टाइट हो जाती हैं, जिससे दर्द बढ़ता है।

गैस बनने और पसलियों में दर्द के मुख्य कारण

  1. हवा निगलना (Aerophagia): जल्दी-जल्दी खाने, बातें करते हुए खाने या स्ट्रॉ से पीने से हवा पेट में चली जाती है।
  2. पाचन की कमी (Indigestion): भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन ठीक से न पचना।
  3. एसिड रिफ्लक्स (GERD): पेट का एसिड जब वापस ऊपर की ओर आता है, तो जलन और दबाव पैदा करता है।
  4. लैक्टोज या ग्लूटेन: कुछ लोगों को दूध या गेहूं से गैस अधिक बनती है।
  5. कब्ज: आंतों में मल फंसे होने से गैस बाहर नहीं निकल पाती और पसलियों तक दबाव महसूस होता है।

🧘‍♂️ योग आसन (Yoga for gas & rib pain)

1️⃣ पवनमुक्तासन

👉 गैस निकालने के लिए सबसे अच्छा

  • पीठ के बल लेटें
  • दोनों घुटनों को पेट से लगाएँ
  • 20–30 सेकंड रुकें, 3–4 बार

2️⃣ भुजंगासन

👉 पाचन सुधारता है

  • पेट के बल लेटकर ऊपरी शरीर उठाएँ
  • 15–20 सेकंड, 3 बार

3️⃣ वज्रासन

👉 खाना खाने के बाद करें

  • 10–15 मिनट बैठें
  • गैस, एसिडिटी कम होती है

4️⃣ बालासन

👉 पेट और पसलियों की मांसपेशियाँ रिलैक्स

  • 1–2 मिनट रहें

🌬️ प्राणायाम (Pranayama)

1️⃣ अनुलोम–विलोम

  • 5–10 मिनट रोज
  • पाचन और नसों को शांत करता है

2️⃣ कपालभाति (अगर हाई BP, गर्भावस्था, हर्निया नहीं है)

  • 20–30 स्ट्रोक × 2 राउंड
  • पेट की गैस कम करता है

3️⃣ भ्रामरी

  • तनाव कम करता है
  • गैस का एक बड़ा कारण स्ट्रेस होता है

🚶‍♂️ हल्का व्यायाम

  • खाने के बाद 10–15 मिनट टहलना
  • हल्की स्ट्रेचिंग
  • लंबे समय तक बैठे न रहें

🌿 प्राकृतिक घरेलू उपाय

  • गुनगुना पानी सुबह खाली पेट
  • खाना खाने के बाद सौंफ या अजवाइन
  • अजवाइन + काला नमक (चुटकी भर)
  • अदरक की चाय
  • रात का खाना हल्का और जल्दी

❌ किन चीज़ों से बचें

  • लेटकर खाना या खाने के तुरंत बाद सोना
  • ज्यादा चाय-कॉफी
  • कोल्ड ड्रिंक
  • देर रात भारी भोजन

🕒 कब सुधार दिखेगा?

  • 3–5 दिन में आराम
  • 2–3 हफ्ते में पाचन बेहतर

🌿 प्राकृतिक घरेलू उपाय

  • सौंफ चबाएं: भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ चबाने से गैस निकलती है और पाचन सुधरता है।
  • जीरा-इलायची की चाय: जीरा और इलायची उबालकर पीने से वातनाशक प्रभाव से दर्द कम होता है।
  • दही लें: प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही आंतों के बैक्टीरिया संतुलित करता है।
  • सरसों के बीज: भोजन में मिलाकर खाएं, गैस बाहर निकालता है।
  • हल्का व्यायाम: टहलना या योग से गैस पास होती है।

ये उपाय तुरंत राहत देते हैं, लेकिन दर्द बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लें

उपायकैसे करेंलाभ
अजवाइन और काला नमक1 चम्मच अजवाइन में थोड़ा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लेंगैस और पेट दर्द तुरंत कम करता है
जीरा पानी
जीरा उबालकर उसका पानी पीएंपाचन सुधारता है और गैस निकालता है

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